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Habits are the Real Asset of Human Life

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MAY 7, 2021 Habits are the Real Asset of Human Life PIKLU CHANDA Habits fill people with confidence and people achieve success by relying on self-confidence. This is the normal and just rule. Human behaviour a look Human behaviour a look Human habits are a daily occurrence in life and always reflect the practice or […]

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आज की कहानी

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🌳🦚आज की कहानी🦚🌳 परिस्थिति अनुसार राय बदलती है मान लिजिये – आप पसीने से तर बतर हैं। बहुत प्यासे हैं ,गला सूख रहा है , पर कहीं भी पानी नहीं मिल रहा है। ऐसे में आप एक वृक्ष की छाया में थकान मिटाने के लिए खड़े होते हैं ! तभी सामने की एक इमारत की […]

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श्रवण के पिता का श्राप

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महाराज दशरथ को जब संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी तब वो बड़े दुःखी रहते थे…पर ऐसे समय में उनको एक ही बात से हौंसला मिलता था जो कभी उन्हें आशाहीन नहीं होने देता था… और वह था श्रवण के पिता का श्राप…. दशरथ जब-जब दुःखी होते थे तो उन्हें श्रवण के पिता का दिया […]

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अजीब डर का माहौल (संग्रह मृणाल कपूर)

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अजीब डर का माहौल है बीबी खाने में नमक डालना भूल गई और उधर पति टेंशन में आ गया कि खाने में स्वाद नहीं आ रहा डर गया बिना कुछ कहे आफिस निकल लिए, इधर बीबी टेंशन में आ गयी कि बिना पूरा खाना खाये निकल गए बाद में उसने जब टेस्ट किया तो नमक […]

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मंथन

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जब हम कभी एक व्यक्ति की तरह सोचते हैं तो हमारी विचार हमारी इर्द-गिर्द घूमती रहती है। हमें सिर्फ अपना ही स्वार्थ दिखाई पड़ता है किंतु यदि हम एक समूह की तरह अपना विचार रखें तो उसमें अपना हित दिखाई नहीं देता, अपना दुख भी महसूस नहीं होता और कभी अकेलापन महसूस नहीं होता।यह सच्चाई […]

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কবি কৃত্তিবাসের বাছাই করা কবিতা

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  কাঠের পুতুল এই যে আছি একলা একা । কেমন সুখের কেউ জানোনা । আসা যাওয়া নিঃসঙ্গ সদা । মাঝে শুধু নিছক আনা গোনা । একলা আকাশ একলা সুখে । হাজার তারা লুকিয়ে তারই বুকে । নীলের মাঝে, স্বপন আঁকে । লক্ষ ঝড়েও হার মানে না । এখন সময় বারুদ মাঝে । নিত্য জীবন মরন […]

Poetry

পথ চেয়ে রই

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Poth cheye roi – Piklu Chanda পথ চেয়ে রই চলো আরো একবার চেষ্টা করি নতুন করে বাঁচতে শিখি। যদি জীবনের রং পাল্টায়। প্রত্যাশা তো ঢের ছিল! কিন্তু, বিশ্বাসঘাতক! না না অমনটা বললে যে খুব ভুল হয়! ও যে খুব কাছের ছিল। ও যে আমায় বন্ধু বলেছিল। অনেক স্বপ্ন একসাথে দেখা, স্মৃতিগুলি দগদগে রক্তাক্ত ক্ষতের মত! যখন […]